कुवैत बिल्डिंग में आग लगने से 40 भारतीयों की मौत, 50 घायल, पीएम ने लिया जायजा
कुवैत के मंगाफ इलाके में एक इमारत में आग लगने से 40 भारतीयों सहित 49 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह घटना 12 जून 2024 को घटी और इसे कुवैत में हाल के वर्षों की सबसे भीषण घटनाओं में से एक माना जा रहा है। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्राथमिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भवन की खराब स्थिति का संकेत मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे कुवैत में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय करें और सभी आवश्यक कदम उठाएं ताकि घायल लोगों को उचित चिकित्सा सहायता मिल सके और मृतकों के शवों को भारत लाया जा सके।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वे कुवैत में भारतीय समुदाय के साथ खड़े हैं। भारतीय दूतावास ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पतालों में भर्ती भारतीय नागरिकों का दौरा किया और उनकी सहायता के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं।
कुवैत की सरकार ने भी इस घटना की गंभीरता को समझते हुए त्वरित जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है और संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
यह त्रासदी कुवैत में प्रवासी श्रमिकों की कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर देती है। भारतीय समुदाय और अन्य प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
कुवैत में एक भयंकर आगजनी की घटना में 40 भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गई और 50 अन्य घायल हो गए। यह हादसा कुवैत के एक आवासीय इमारत में हुआ, जिसमें भारतीय श्रमिकों की संख्या अधिक थी। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह दुर्घटना विद्युत शॉर्ट-सर्किट के कारण हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और विदेश मंत्रालय को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से स्थिति की जानकारी ली और घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए कहा। भारतीय दूतावास ने भी तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों के संपर्क में है।
इस घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों में ज्यादातर केरल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के निवासी थे, जो कुवैत में काम की तलाश में गए थे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में से पांच केरल के थे, जिनमें एक इंजीनियर और एक ड्राइवर शामिल थे।
इस त्रासदी ने कुवैत में भारतीय समुदाय में गहरे सदमे और दुख की लहर पैदा कर दी है। कुवैत के अधिकारियों ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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